अमजद साबरी साहब !
आप ख़ाली हाथ नहीं गए... अपने साथ बहुत सी दुआएं और मक़बूलियत लेकर गए हैं... आपकी क़व्वालियां हमेशा लोगों की ज़ुबान पर रहेंगी... आपकी मख़मली आवाज़ का जादू उन्हें कभी आपसे जुदा होने नहीं देगा...
आप मरे नहीं, बल्कि अमर हो गए और आपके वहशी क़ातिलों पर हमेशा लानत बरसती रहेगी...
नमाज़ की फ़ज़ीलत
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अल्लाह के रसूल हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमाया- " जो शख़्स
इस हालत में अल्लाह से मुलाक़ात करे कि वह पाँचों नमाज़ें अदा करता था, तो
उसे बख़्...
अमरुद का पेड़
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सच... बचपन बहुत ही प्यारा होता है. बचपन में छोटी-छोटी बातों में भी हम बहुत
ख़ुश हो जाते हैं. हमारा ददिहाल वाला घर बहुत बड़ा था. उसमें बड़े-बड़े कमरे, बड़ा
दाल...
When I am unwell
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When I am unwell—my body drained by fever and the very act of resting
becoming wearisome—everything outside my room suddenly seems so appealing.
I long t...
Dr. Firdaus Khan
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Dr Firdaus Khan is an Islamic scholar, poetess, author, script writer,
essayist, journalist, editor and translator. She is called the princess of
the isl...
27 सूरह अन नम्ल
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सूरह अन नम्ल मक्का में नाज़िल हुई और इसकी 93 आयतें हैं.
*अल्लाह के नाम से शुरू, जो बड़ा मेहरबान निहायत रहम वाला है*1. ता सीन. ये
क़ुरआन और रौशन किताब की आयतें...
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