Saturday, April 24, 2010

आख़िर बच्ची को बूढ़े से निजात मिल ही गई...

दुनियाभर में शादी के नाम पर लड़कियों की ख़रीद-फ़रोख्त का सिलसिला जारी है... हालत यह है कि पूरी दुनिया में 'सभ्य' होने का ढोल पीटने वाले सऊदी अरब में भी लड़कियों को जानवरों की तरह बेचा और ख़रीदा जाता है.

सऊदी अरब में पिछले साल 12 साल की एक लड़की की मर्ज़ी के खिलाफ़ उसके परिवार वालों ने उसकी शादी उसके पिता के 80 वर्षीय चचेरे भाई से कर दी गई थी. बदले में उसके परिवारवालों को क़रीब साढ़े 14 हज़ार डालर मिले थे. इस ज़ुल्म के खिलाफ़ लड़की ने आवाज़ उठाई और रियाद के बुराइधा क़स्बे की एक अदालत में तलाक़ के लिए अर्ज़ी दाख़िल कर दी. लड़की की क़िस्मत अच्छी थी उसे तलाक़ मिल गई. राहत की बात यह भी है कि अब वहां की सरकार इस मसले पर पहली बार लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र तय करने पर गौर कर रही है.

मानवाधिकारों संगठनों ने भी लड़कियों की शादी की न्यूनतम उम्र 16 साल निश्चित करने की सिफ़ारिश की है. अब सरकार ने इस बारे में फ़ैसला लेने के लिए तीन समितियों का गठन किया है.

भारत में भी यह सिलसिला जारी है...