Sunday, August 16, 2015

लेख चोरी

महासत्ता के संपादक महोदय
आपने अपने ब्लॊग supreem power mukesh में हमारा लेख वे आज़ादी के बावजूद आज़ाद नहीं थे पोस्ट किया है. आपको लेख में हमारा नाम देना चाहिए था.

हम इस चोरी के ख़िलाफ़ अपना ऐतराज़ दर्ज करते हैं...

Thursday, July 23, 2015

क़ुरान के शायद सबसे पुराने वर्क़


ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय में क़ुरआन करीम के शायद सबसे पुराने वर्क़ मिले हैं. पन्नों की रेडियो कार्बन डेटिंग तकनीक की जांच से पता चला कि क़ुरआन के ये पन्ने कम से कम 1370 साल पुराने हैं. भेड़ या बकरी की खाल पर लिखे गए क़ुरान के इन पन्नों की जांच से कई तारीख़े मिलती हैं, इसलिए 95 फ़ीसद संभावना है कि ये पन्ने 568 ईस्वी से 645 ईस्वी के बीच के हैं.
शोधकर्ताओं ने इस बात की भी संभावना जताई है कि जिस शख़्स ने क़ुरआन के ये पन्ने लिखे होंगे, वो पैग़म्बर हज़रत मुहम्‍मद (सल्‍लललाहु अलैहि वसल्‍लम) से मिला हो. विश्वविद्यालय में ईसाइयत और इस्लाम के प्रोफ़ेसर डेविड थॉमस कहते हैं, यह दस्तावेज़ हमें इस्लाम की स्थापना के कुछ सालों के अंतराल में पहुंचा सकते हैं. मुस्लिम मान्यताओं के मुताबिक़ पैग़म्बर हज़रत मुहम्‍मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्‍लम) को अल्लाह का पैग़ाम 610 से 632 के बीच ही मिला था, जो क़ुरआन का आधार बना.

साभार बीबीसी

Sunday, July 12, 2015

खाना


हम खाना खाते वक़्त हज़ार नख़रे करते हैं... हमें ये सब्ज़ी पसंद नहीं, हमें वो सब्ज़ी पसंद नहीं... दूध पीने के मामले में भी सौ नख़रे... मां से कितनी ही मिन्नतें करवाने के बाद दूध पीते हैं...  अमूमन हर आम घर की ये कहानी है...
लेकिन हम ये नहीं जानते कि इस दुनिया में करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिन्हें न तो पेट भरने के लिए रोटी मिलती है और न ही पीने के लिए साफ़ पानी... करोड़ों लोग हर रोज़ भूखे पेट सोते हैं... दुनिया भर में लोग भूख से मर रहे हैं...
लाखों बच्चों को दूध तो क्या, पीने के लिए पेटभर उबले चावल का पानी तक नसीब नहीं होता... और भूख से बेहाल बच्चे दम तोड़ देते हैं...
अल्लाह ने जो दिया है, उसका शुक्र अदा करके उसे ख़ुशी-ख़ुशी खा लेना चाहिए... क्या हुआ अगर एक दिन घर में हमारी पसंद की सब्ज़ी नहीं बनी है तो...
फ़िरदौस ख़ान

Thursday, July 9, 2015

रोटी बैंक...


फ़िरदौस ख़ान
इंसान चाहे, तो क्या नहीं कर सकता. उत्तर प्रदेश के महोबा ज़िले के बाशिन्दों ने वो नेक कारनामा कर दिखाया है, जिसके लिए इंसानियत हमेशा उन पर फ़ख़्र करेगी.  बुंदेली समाज के अध्यक्ष हाजी मुट्टन चच्चा और संयोजक तारा पाटकर ने कुछ लोगों के साथ मिलकर एक ऐसे बैंक की शुरुआत की है, जो भूखों को रोटी मुहैया कराता है.
बीती 15 अप्रैल से शुरू हुए इस बैंक में हर घर से दो रोटियां ली जाती हैं. शुरू में इस बैंक को सिर्फ़ 10 घरों से ही रोटी मिलती थी, लेकिन रफ़्ता-रफ़्ता इनकी तादाद बढ़ने लगी और अब 400 घरों से रोटियां मिलती हैं. इस तरह हर रोज़ बैंक के पास 800 रोटियां जमा हो जाती हैं,  जिन्हें पैकेट बनाकर ज़रूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाता है. इस वक़्त 40 युवा और पांच वरिष्ठ नागरिक इस मुहिम को चला रहे हैं.
शाम को युवा घर-घर जाकर रोटी और सब्ज़ी जमा करते हैं. फिर इनके पैकेट बनाकर इन्हें उन लोगों को पहुंचाते हैं, जिनके पास खाने का कोई इंतज़ाम नहीं है. पैकिंग का काम महिलाएं करती हैं. इस काम में तीन से चार घंटे का वक़्त लगता है. फ़िलहाल बैंक एक वक़्त का खाना ही मुहैया करा रहा है, भविष्य में दोनों वक़्त का खाना देने की योजना है.
इस नेक काम में लगे लोग बहुत ख़ुश हैं. अगर देशभर में इस तरह के रोटी बैंक खुल जाएं, तो फिर कोई भूखा नहीं सोएगा.

Monday, July 6, 2015

अंगदान


एक मुसलमान शख़्स की दोनों किडनियां ख़राब हो चुकी हैं... उसका भाई उसे अपनी एक किडनी देना चाहता है, ताकि उसकी जान बचाई जा सके...
मज़हबी लोगों का कहना है कि इस्लाम अंगदान की इजाज़त नहीं देता... क्या उस शख़्स को मौत के मुंह में जाते हुए देखना सही है...?

बीबीसी के मुताबिक़ ब्रिटेन में पिछले साल किडनी ट्रांसप्लांट का इंतज़ार कर रहे एशियाई मूल के 70 मरीज़ों की मौत हो गई. इसकी एक वजह ये है कि कई मुसलमानों को लगता है कि अंगदान इस्लाम के ख़िलाफ़ है. लेकिन ब्रिटेन में एक मुहिम चलाकर बताया जा रहा है कि अगर किसी की ज़िन्दगी बचाने के लिए ऐसा करना हो, तो इस्लाम में उसकी इजाज़त है.

Saturday, June 27, 2015

दहशतगर्द नमाज़ियों को भी नहीं बख़्श रहे हैं


फ़िरदौस ख़ान
दहशतगर्द नमाज़ियों को भी नहीं बख़्श रहे हैं... रमज़ान के दूसरे जुमे को क़ुवैत की मस्जिद में नमाज़ के दौरान बम धमाका किया गया, जिसमें 27 नमाज़ियों की मौत हो गई है और बहुत से नमाज़ी ज़्ख़्मी हो गए... जुमे की नमाज़ के दौरान मस्जिदों में बम धमाके कर नमाज़ियों का ख़ून बहाने की दिल दहला देने वाली ख़बरें आए दिन सुनने को मिलती रहती हैं... दहशतगर्दों को किसी की जान लेते हुए ज़रा भी रहम नहीं आता... अपनी ख़ूनी प्यास बुझाने के लिए ये दहशतगर्द कितने ही घरों के चिराग़ों को बुझा डालते हैं, कितनी ही मांओं की गोद सूनी कर देते हैं और बच्चों को यतीम बना देते हैं...
समझ नहीं आता कि ये दरिन्दे किसे अपना ख़ुदा मानते हैं, क्योंकि अल्लाह को मानने वाला किसी की जान बचाने के लिए अपनी जान तो दे देगा, लेकिन अपने फ़ायदे के लिए कभी किसी की जान नहीं लेगा...

ये देखकर बहुत दुख होता है कि आए दिन मस्जिदों में होने वाले बम धमाकों में मरने वाले नमाज़ियों के बच्चों से किसी को ज़रा भी हमदर्दी नहीं है...
वो मासूम बच्चे, जिनके बाप को वहशी दरिन्दों ने बम से उड़ा दिया... वो बच्चे, जो अब कभी अपने बाप के लाए नये कपड़े नहीं पहन पाएंगे, वो बच्चे, जिनका हाथ थामकर अब ईद की नमाज़ में ले जाने वाला बाप नहीं रहा... अब कौन उन्हें गोद में उठाकर प्यार करेगा, कौन ईद के मेले में ले जाएगा...

कहते हैं कि रमज़ान के महीने में अल्लाह शैतान को क़ैद कर देता है, लेकिन दुनिया में तो बड़े-बड़े शैतान भरे पड़े हैं, लानत हैं इन पर...
आओ ! दुआ करें कि इस दुनिया से दहशतगर्दी का ख़ात्मा हो और हर सिम्त चैन-अमन हो, आमीन

Monday, May 25, 2015

सेहत और ईमान बचाएं...


फ़िरदौस ख़ान
मैगी को लेकर ख़बर है कि इसमें सुअर का मांस और ज़हरीले तत्व पाए गए हैं, जो सेहत के लिए बेहद नुक़सानदेह है... ख़बर के मुताबिक़ अट्टा मैगी में Bactosoytone नामक तत्व शामिल होता है, जो DSG (Disodium ग्लूटामेट), स्वाद-627 के नीचे छुपा हुआ होता है. इसे सामग्री में नहीं लिखा जाता. Bactosoytone एक उत्प्रेरक एंजाइम है, जो सुअर से लिया गया है.

समझ नहीं आता कि आख़िर फ़ैशन और आलस की वजह से लोग अपनी और अपने बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ कैसे कर लेते हैं...

अगर आपको मैगी ही खानी है, तो इसका घरेलू तरीक़ा अपनाएं. मैदे से घर में मैगी (नूडल्स) बना लें या फिर बाहर बनवाकर, इसे सुखाकर रख लें. जब मैगी खाने का मन हो, तो मनचाही मौसमी सब्ज़ियां और मसालें डालकर इसे पका लें... हां, इसमें दो मिनट की बजाय दस से पंद्रह मिनट लग जाएंगे, लेकिन आप ज़हर खाने से तो बच जाएंगे... साथ ही ईमान भी सलामत रहेगा...













तस्वीरें भास्कर से साभार

Thursday, April 23, 2015

ज़रा सोचिये...


फ़िरदौस ख़ान
जो लोग दूसरों का हक़ मार कर ऐशो-इशरत की ज़िन्दगी बसर कर रहे हैं, वो अपने गुनाहों का बोझ कैसे उठाएंगे...? मेहनतकश किसानों से उनकी ज़मीनें छीनी जा रही हैं... ग़रीबों को बेघर करने वाले अपनी सालगिरह तक पर अरबों रुपये ख़र्च कर रहे हैं... क्या इन लोगों का ज़मीर बिल्कुल मर चुका है... ? क्या इन्हें ज़रा भी ख़ौफ़े-ख़ुदा नहीं है...?
हज़रत अली अलैहिस्सलाम फ़रमाते हैं-
जो शख़्स दुनिया में कम हिस्सा लेता है, वो अपने लिए राहत का सामान बढ़ा लेता है. और जो दुनिया को ज़्यादा समेटता है, वो अपने लिए तबाहकुन चीज़ों का इज़ाफ़ा कर लेता है...

Wednesday, April 22, 2015

ग़लती किसकी


भूमि अधिग्रहण के ख़िलाफ़ दिल्ली में जंतर-मंतर पर आज आयोजित आम आदमी पार्टी की रैली के दौरान गजेंद्र सिंह नाम के एक किसान ने फांसी लगाकर ख़ुदकुशी कर ली... वह राजस्थान के दौसा ज़िले के गांव नांगल झामरवाडा़ का रहने वाला था... किसान की ख़ुदकुशी से उसके परिजनों पर क्या बीत रहे होगी, उस दर्द को लफ़्ज़ों में बयां नहीं किया जा सकता...
अब सवाल यह है कि क्या गजेंद्र सिंह की ख़ुदकुशी के लिए सिर्फ़ केंद्र सरकार ही ज़िम्मेदार है... क्या वो लोग ज़िम्मेदार नहीं हैं, जिन्होंने ऐसी सरकार चुनी... ?

Monday, April 20, 2015

संस्कार विरासत में मिलते हैं,

फ़िरदौस ख़ान
संस्कार विरासत में मिलते हैं, घर से मिला करते हैं... संस्कार बाज़ार में नहीं मिलते... ज़्यादा पैसा या बड़ा पद मिलने से संस्कार नहीं मिल जाते...
राहुल गांधी को देखें, वो अपने विरोधियों का नाम भी सम्मान के साथ लेते हैं, उनके नाम के साथ जी लगाते हैं... जबकि उनके विरोधी भले ही वे देश के बड़े से बड़े पद पर हों, राहुल गांधी के लिए ग़लत शब्दों का इस्तेमाल करते हैं...
दरअसल, किसी के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करके इंसान सामने वाला का अपमान नहीं करता, बल्कि अपने ही संस्कारों का प्रदर्शन करता है...

Monday, November 17, 2014

कर्ड राइस विद वेजीटेबल...


कई बार हम कुछ ऐसा बनाना चाहते, जो जल्दी बनकर तैयार हो जाए... साथ ही खाने में भी स्वादिष्ट और पौष्टिक भी हो... आज हम ऐसी ही रेसिपी आप सबके साथ शेयर कर रहे हैं...जिसका नाम है कर्ड राइस विद वेजीटेबल...

सामग्री : एक कप चावल, दो कप दही, गोभी, दो हरी मिर्च, नमक... तड़के के लिए तेल, ज़ीरा, राई, लाल साबुत मिर्च, हरा धनिया...

बनाने का तरीक़ा : प्रेशर कुकर में एक कप चावल, गोभी के टुकड़े, हरी मिर्च और ढाई कप पानी डालकर गैस पर पकने के लिए रख दीजिए... एक सीटी आने पर गैस बंद कर दीजिए... दो-तीन मिनट बाद यानी कुकर का प्रेशर बंद होने पर कुकर खोलिए... अब चावल को डिश में निकाल लीजिए... फिर दही कोमथने के बाद अच्छी तरह चावल में मिला दीजिए... अब पैन में तेल गर्म कीजिए, उसमें करी पत्ता, राई और लाल साबुत मिर्च डाल दीजिए... जब तड़का तैयार हो जाए, तो इसे चावल में डाल दीजिए... ऊपर से हरे धनिये से सजा दीजिए... अब कर्ड राइस विद वेजीटेबल बनकर तैयार है...

तस्वीर : गूगल से साभार